■ जानें क्या संकेत देता है यह योग?

हिंदू धर्म में वर्ष भर चार बार नवरात्रि का पर्व आता है, किंतु चैत्र नवरात्रि का विशेष महत्व माना गया है। इसकी वजह यह है कि यह हिंदू नववर्ष के पहले दिन से ही आरंभ होती है। इसलिए यह पर्व दोहरे उत्साह का संदेश लेकर आता है, एक ओर मां दुर्गा की आराधना और दूसरी ओर नववर्ष का मंगलारंभ।
वर्ष 2026 में चैत्र नवरात्रि 19 मार्च, गुरुवार से प्रारंभ हो रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि जिस दिन से शुरू होती है, उसी दिन के आधार पर मां दुर्गा की सवारी निर्धारित होती है। इस बार नवरात्रि गुरुवार से आरंभ होने के कारण मां दुर्गा का आगमन डोली या पालकी पर माना जा रहा है।
शास्त्रों में डोली या पालकी पर मां दुर्गा के आगमन को शुभ संकेत नहीं माना गया है। मान्यता है कि जब माता रानी डोली पर आती हैं, तो दुनिया में रोग, महामारी या अन्य प्रकार की विपत्तियों की आशंका बढ़ सकती है। इसका प्रभाव व्यापार और आर्थिक गतिविधियों पर भी पड़ सकता है।
हालांकि नवरात्रि का समापन 27 मार्च 2026, शुक्रवार को होगा। शुक्रवार के दिन नवरात्रि समाप्त होने पर मां दुर्गा की विदाई हाथी पर मानी जाती है। धर्मग्रंथों के अनुसार हाथी पर प्रस्थान अत्यंत शुभ संकेत माना गया है। यह अच्छी वर्षा, भरपूर फसल और धन-समृद्धि के बढ़ने का प्रतीक है।
अर्थात् मां दुर्गा के आगमन के संकेत भले कुछ चुनौतीपूर्ण हों, परंतु उनकी विदाई समृद्धि और खुशहाली का आशीर्वाद देने वाली मानी जा रही है। इसीलिए भक्त पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ नौ दिनों तक मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करेंगे।
