
● नई दिल्ली
हवाई यात्रा को अधिक सुविधाजनक और पारदर्शी बनाने की दिशा में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। नए दिशा-निर्देशों के तहत अब एयरलाइंस यात्रियों से सीट चयन के नाम पर मनमाना शुल्क नहीं वसूल सकेंगी। प्रत्येक उड़ान में कम से कम 60 प्रतिशत सीटें यात्रियों को निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे आम यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने यात्रियों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कई यात्री-केंद्रित पहलें लागू की हैं। इनमें किफायती दरों पर भोजन उपलब्ध कराने के लिए ‘उड़ान यात्री कैफे’, पढ़ने के शौकीनों के लिए ‘फ्लाईब्ररी’ के माध्यम से पुस्तकों तक मुफ्त पहुंच और हवाई अड्डों पर मुफ्त वाई-फाई जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
नए नियमों के अनुसार, एक ही पीएनआर पर यात्रा करने वाले यात्रियों को एक साथ बैठाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, जिससे परिवार और समूह यात्रियों को सहूलियत मिलेगी। खेल उपकरणों और संगीत वाद्ययंत्रों के परिवहन को भी अधिक पारदर्शी और यात्री-अनुकूल बनाया जाएगा, हालांकि यह सभी लागू सुरक्षा और परिचालन नियमों के अधीन रहेगा।
इसके साथ ही एयरलाइंस को पालतू जानवरों के परिवहन के लिए स्पष्ट और पारदर्शी नीतियां बनानी होंगी। यात्री अधिकारों से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा, विशेषकर उड़ान में देरी, रद्द होने या बोर्डिंग से इनकार की स्थिति में। मंत्रालय ने यह भी निर्देश दिया है कि यात्री अधिकारों की जानकारी एयरलाइंस की वेबसाइट, मोबाइल ऐप, बुकिंग प्लेटफॉर्म और एयरपोर्ट काउंटर पर प्रमुखता से प्रदर्शित की जाए तथा इसे क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध कराया जाए, ताकि अधिक से अधिक यात्रियों तक इसकी जानकारी पहुंच सके।
