- सैटेलाइट टकराव की आशंका से वैज्ञानिकों की बढ़ी टेंशन

● न्यूयार्क
धरती की कक्षा अब तेजी से भीड़भाड़ वाली और खतरनाक होती जा रही है। अंतरिक्ष में बढ़ते सैटेलाइट्स के कारण ‘स्पेस ट्रैफिक जाम’ जैसी स्थिति बन रही है, जिसने वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ा दी है। ‘इसरो’ ने अपनी ताजा रिपोर्ट में इस चुनौती की गंभीरता को उजागर किया है।
इंडियन स्पेस सिचुएशनल असेसमेंट रिपोर्ट 2025 के अनुसार, वर्ष 2025 में रिकॉर्ड 4651 सैटेलाइट्स को पृथ्वी की कक्षा में स्थापित किया गया, जो पिछले वर्षों की तुलना में काफी अधिक है। 2024 में यह संख्या 254 और 2023 में 212 थी। लगातार बढ़ती यह संख्या अंतरिक्ष को पहले से कहीं अधिक व्यस्त बना रही है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि इस भीड़ के कारण क्लोज अप्रोच अलर्ट्स यानी सैटेलाइट्स के एक-दूसरे के बेहद करीब आने की घटनाओं में तेजी आई है। ऐसे अलर्ट संभावित टकराव के खतरे का संकेत देते हैं और ऑपरेटर्स के लिए बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं।
इसरो के मुताबिक, लो-अर्थ ऑर्बिट में हालात ज्यादा चिंताजनक हैं। यहां न केवल सक्रिय सैटेलाइट्स की संख्या बढ़ रही है, बल्कि अंतरिक्ष मलबा भी बड़ी समस्या बन चुका है। यह मलबा लगभग 28,000 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से घूमता है, और इसके छोटे-छोटे टुकड़े भी काम कर रहे सैटेलाइट्स को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं।
कुल मिलाकर, अंतरिक्ष में बढ़ती भीड़ अब केवल तकनीकी चुनौती नहीं, बल्कि वैश्विक सुरक्षा और संचार व्यवस्था के लिए भी बड़ा खतरा बनती जा रही है।
