
● मुंबई
महाराष्ट्र शासन ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण और राहत भरा फैसला लिया है। इस नए निर्णय के तहत अब कर्मचारी अपने पूरे सेवा काल के दौरान कभी भी अपने घोषित ‘होम टाउन’ (स्वग्राम) को बदल सकेंगे। इससे ‘लीव ट्रैवल कंसेशन’ (एलटीसी ) का लाभ उठाना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा।
पहले के नियमों के अनुसार, नौकरी में शामिल होने के छह महीने के भीतर ही कर्मचारियों को अपना होम टाउन घोषित करना अनिवार्य था। इसके बाद बदलाव की अनुमति केवल एक बार ही मिलती थी, जिससे कई कर्मचारियों को व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब इस नियम में बड़ी ढील दी गई है।
नए प्रावधानों के तहत, कर्मचारी पारिवारिक या व्यक्तिगत कारणों से किसी भी समय अपना होम टाउन बदल सकते हैं। खासतौर पर महिला कर्मचारियों को इस फैसले से बड़ा फायदा मिलेगा। विवाह, तलाक, वैधव्य या पुनर्विवाह जैसी परिस्थितियों में महिलाएं घटना के छह महीने के भीतर आवेदन कर स्वग्राम बदल सकेंगी।
इसके अलावा, अन्य कर्मचारियों को भी पारिवारिक स्थानांतरण, प्राकृतिक आपदा, बच्चों की शिक्षा या अन्य आपात परिस्थितियों में यह सुविधा मिलेगी।
इस निर्णय का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि कर्मचारी अपने वास्तविक निवास या पारिवारिक जरूरतों के अनुसार एलटीसी का लाभ ले सकेंगे। इससे न केवल आर्थिक राहत मिलेगी, बल्कि कर्मचारियों के जीवन में लचीलापन और सुविधा भी बढ़ेगी।
