
● मुंबई
महंगाई की मार झेल रहे आम लोगों के लिए अब हवाई सफर भी जेब पर भारी पड़ने लगा है। रसोई गैस और खाद्य पदार्थों के बाद अब विमानन क्षेत्र में बढ़ती लागत ने यात्रियों की चिंता बढ़ा दी है। देश की एयरलाइंस कंपनियों ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के किराए में 25 प्रतिशत से लेकर 115 प्रतिशत तक की वृद्धि कर दी है।
इस बढ़ोतरी के पीछे मुख्य कारण एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) की कीमतों में अभूतपूर्व उछाल है। सरकारी तेल कंपनियों द्वारा अप्रैल के लिए जारी नई दरों में एटीएफ पहली बार 2 लाख रुपये प्रति किलोलीटर के पार पहुंच गया है। ईंधन की कीमतों में इस तेज वृद्धि का सीधा असर टिकट दरों पर दिखाई दे रहा है।
घरेलू उड़ानों के किराए को नियंत्रित रखने की कोशिश के तहत सरकार ने वृद्धि को लगभग 25 प्रतिशत तक सीमित रखने का संकेत दिया है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में स्थिति अधिक गंभीर है। कई मार्गों पर किराए में 115 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि कुछ प्रमुख रूट्स पर यह उछाल 200 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
मुंबई-दिल्ली मार्ग पर किराए में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिली है। Air India ने अपना किराया 5,800 रुपये से बढ़ाकर 7,800 रुपये कर दिया है। वहीं IndiGo ने लगभग 44 प्रतिशत वृद्धि के साथ किराया 7,500 रुपये कर दिया है। SpiceJet ने सबसे अधिक बढ़ोतरी करते हुए टिकट कीमत को 9,000 रुपये तक पहुंचा दिया है।
मुंबई-बेंगलुरु रूट पर भी टिकट दरों में वृद्धि दर्ज की गई है, जहां विभिन्न एयरलाइंस ने किराए को 5,500 से 5,700 रुपये के बीच निर्धारित किया है। वहीं दिल्ली-पुणे मार्ग पर SpiceJet ने लगभग 59 प्रतिशत बढ़ोतरी करते हुए किराया 7,119 रुपये कर दिया है।
