■ सी ब्रीज में देरी और बढ़ती नमी से बेहाल मुंबईकर

● मुंबई
मुंबई में गर्मी अब सिर्फ तापमान का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह एक खतरनाक ‘हीट स्ट्रेस’ में बदलती जा रही है। मुंबई में लोग इन दिनों ऐसी गर्मी झेल रहे हैं, जो थर्मामीटर से ज्यादा शरीर पर असर डाल रही है। बढ़ती नमी, तेजी से हो रहा कंक्रीटीकरण और हरियाली में लगातार कमी ने हालात और भी बदतर कर दिए हैं।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस साल गर्मियों में आर्द्रता का स्तर 50 प्रतिशत से 70 प्रतिशत के बीच बना रहा, जबकि कई दिनों में यह 90 प्रतिशत के करीब पहुंच गया। ज्यादा नमी के कारण शरीर का पसीना जल्दी नहीं सूखता, जिससे घुटन और बेचैनी बढ़ जाती है।
शहर में तेजी से बढ़ते कंक्रीट के जंगल ने अर्बन हीट आइलैंड प्रभाव को तेज कर दिया है। सड़कों का कंक्रीटीकरण, ऊंची-ऊंची इमारतें और पेड़ों की कटाई के कारण दिन की गर्मी रात में भी बरकरार रहती है। इससे लोगों को राहत नहीं मिल पाती।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आई एम डी ) के मुताबिक, अरब सागर से आने वाली ठंडी हवा (सी ब्रीज) में देरी भी तापमान बढ़ाने की बड़ी वजह है। जब समुद्र के ऊपर एंटी-साइक्लोन बनता है, तो हवा की दिशा बदल जाती है और गर्मी लंबे समय तक बनी रहती है।
