- भविष्य की महामारियों से लड़ने की तैयारी

● मुंबई
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में महाराष्ट्र ने स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। राज्यभर में अत्याधुनिक वायरस निदान प्रयोगशालाओं का व्यापक नेटवर्क स्थापित किया गया है, जिसका उद्देश्य संक्रामक बीमारियों से प्रभावी मुकाबले की क्षमता विकसित करना है।
इस पहल की शुरुआत वर्ष 2017 में हुई, जब केंद्र सरकार के स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग ने देशभर में 150 आधुनिक वायरस लैब स्थापित करने की योजना बनाई। महाराष्ट्र ने इसमें सक्रिय भूमिका निभाते हुए राज्य के लिए पर्याप्त हिस्सेदारी सुनिश्चित कराई।
केंद्र की स्वीकृति के बाद शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय, नागपुर में राज्यस्तरीय प्रयोगशाला स्थापित की गई। इसके साथ ही इंदिरा गांधी शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय, नागपुर सहित अकोला, छत्रपती संभाजीनगर, सोलापुर, धुले और मिरज के मेडिकल कॉलेजों में भी आधुनिक प्रयोगशालाएं विकसित की गईं।
इस परियोजना के लिए केंद्र सरकार ने 29.21 करोड़ रुपये का अनुदान दिया, जिससे अत्याधुनिक उपकरणों की खरीद कर इन लैब्स को पूरी तरह कार्यशील बनाया गया। कोविड-19 महामारी के दौरान इन प्रयोगशालाओं ने आरटी-पीसीआर जांच के जरिए महत्वपूर्ण योगदान दिया।
अब तक इन प्रयोगशालाओं में कोविड-19 के 37 लाख से अधिक, डेंगू के 88 हजार, चिकनगुनिया के लगभग 40 हजार तथा जीका, स्क्रब टायफस, इन्फ्लुएंजा, एचबीवी और रोटावायरस सहित कुल 40 लाख से अधिक नमूनों की जांच की जा चुकी है, जो राज्य की सुदृढ़ स्वास्थ्य व्यवस्था का प्रमाण है।
