■ छात्रों को मिलेगी डिजिलॉकर से राहत

● मुंबई
महाराष्ट्र के छात्रों के लिए राहत भरी पहल करते हुए राज्य सरकार ने उच्च शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। अब विश्वविद्यालयों को निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षा परिणाम घोषित होते ही डिग्री प्रमाणपत्र तुरंत डिजीलॉकर पर अपलोड किए जाएं। इससे छात्रों को दीक्षांत समारोह का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
राज्य के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने बताया कि बड़ी संख्या में छात्र रिजल्ट आते ही विदेशों की यूनिवर्सिटी, उच्च शिक्षा संस्थानों, छात्रवृत्ति, इंटर्नशिप और नौकरी के लिए आवेदन करते हैं। ऐसे में डिग्री प्रमाणपत्र में देरी उनके अवसरों को प्रभावित करती है और समयसीमा के भीतर दस्तावेज जमा करना चुनौती बन जाता है।
सरकार का यह निर्णय इसी समस्या का समाधान है। नई व्यवस्था के तहत छात्र अपने प्रमाणपत्र डिजिटल रूप में सुरक्षित रख सकेंगे और कहीं भी, कभी भी उनका उपयोग कर पाएंगे। डिजीलॉकर एक क्लाउड-आधारित प्लेटफॉर्म है, जो दस्तावेजों के सुरक्षित भंडारण, जारी करने और सत्यापन की सुविधा प्रदान करता है।
सरकार का मानना है कि इस पहल से न केवल प्रक्रिया तेज और पारदर्शी होगी, बल्कि कागजी कार्यवाही में भी कमी आएगी। सबसे अहम बात यह है कि छात्रों के शैक्षणिक और करियर से जुड़े अवसर अब किसी प्रशासनिक देरी के कारण प्रभावित नहीं होंगे।
