■ ग्रामीण क्षेत्र आगे, शहरी इलाकों में सुस्ती पर सख्ती

● पालघर
पालघर जिले में स्पेशियल इंटेंसिव रिविजन (एसआईआर) अभियान के तहत मतदाता मैपिंग का काम रफ्तार पकड़ चुका है। अब तक लगभग 60 प्रतिशत मतदाताओं का सत्यापन पूरा हो चुका है। आंकड़े बताते हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों ने इस अभियान में बेहतर प्रदर्शन किया है, जबकि शहरी इलाकों में गति अपेक्षाकृत धीमी बनी हुई है।
जिला कलेक्टर डॉ. इंदु रानी जाखड़ के नेतृत्व में बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) ने जिले के छह विधानसभा क्षेत्रों में कुल 23,92,606 मतदाताओं में से 14,18,402 का सफल सत्यापन किया है। प्रगति के मामले में विक्रमगढ़ विधानसभा क्षेत्र 87.78 प्रतिशत के साथ सबसे आगे है। इसके बाद दहाणू (85.60 प्रतिशत) और पालघर (80.77 प्रतिशत) का स्थान आता है।
वहीं, शहरी क्षेत्रों की स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है। वसई में 50.49 प्रतिशत, बोइसर में 45.2 प्रतिशत और नालासोपारा में सबसे कम 37.72 प्रतिशत मैपिंग दर्ज की गई है।
कमजोर प्रदर्शन को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। लक्ष्य पूरा न करने पर 141 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि नालासोपारा क्षेत्र के पांच बीएलओ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
प्रशासन ने यह भी बताया कि मतदाता-केंद्रित पहल के तहत भारत निर्वाचन आयोग की ‘बुक अ कॉल विद बीएलओ’ सेवा से नागरिकों और प्रशासन के बीच संवाद बेहतर हुआ है। मतदाता सेवा पोर्टल और ईसीआईनेट ऐप के माध्यम से प्राप्त 5,344 कॉल्स में से 4,000 से अधिक शिकायतों और सवालों का समाधान किया जा चुका है।
