
▪️ नैनीताल
उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम में बाबा नीम करौली महाराज के 62वें स्थापना दिवस पर आस्था का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी लाखों श्रद्धालु बाबा के दर्शन और आशीर्वाद के लिए पहुंचे। पूरे क्षेत्र में भक्ति, सेवा और आध्यात्मिक ऊर्जा का वातावरण देखने को मिला।
हर वर्ष 15 जून को आयोजित होने वाला यह समारोह कैंची धाम का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन माना जाता है। इस अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना, हनुमान चालीसा पाठ, भजन-कीर्तन और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन कर जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। मालपुए के प्रसाद का वितरण भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।
बाबा नीम करौली महाराज ने वर्ष 1964 में कैंची धाम की स्थापना की थी। समय के साथ यह स्थान देश ही नहीं, बल्कि दुनिया के प्रमुख आध्यात्मिक केंद्रों में शामिल हो गया। माना जाता है कि बाबा की कृपा से यहां आने वाले भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यही कारण है कि हर वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।

भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात के व्यापक इंतजाम किए थे। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी और सुरक्षा बल तैनात किए गए। पार्किंग, चिकित्सा सहायता, पेयजल और यातायात प्रबंधन की विशेष व्यवस्था की गई, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
कुमाऊं की मनोरम वादियों के बीच स्थित कैंची धाम आज वैश्विक स्तर पर आस्था, सेवा और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक बन चुका है। स्थापना दिवस के अवसर पर उमड़ी भक्तों की भीड़ ने एक बार फिर बाबा नीम करौली महाराज के प्रति लोगों की अटूट श्रद्धा और विश्वास को रेखांकित किया।
