
▪️मुंबई
12 अगस्त की रात आसमान देखने वालों के लिए बेहद खास होने वाली है। इस दौरान पर्सिड उल्कापात (Perseid Meteor Shower) अपने चरम के करीब होगा और साफ आसमान में हर घंटे बड़ी संख्या में उल्काएं चमकती हुई नजर आ सकती हैं। अंतरराष्ट्रीय उल्का संगठन के मुताबिक, पर्सिड उल्कापात जुलाई के मध्य से सक्रिय है और इसका मुख्य अधिकतम 12-13 अगस्त की रात के आसपास रहेगा।
इस साल इस खगोलीय घटना की खासियत यह है कि 12 अगस्त को अमावस्या भी है। इससे चांदनी का व्यवधान लगभग नहीं रहेगा और अंधेरे आसमान में उल्काओं को देखने की परिस्थितियां बेहतर रहेंगी।
हालांकि भारत के दिल्ली, मुंबई जैसे बड़े शहरों में प्रकाश प्रदूषण और मौसम की स्थिति के कारण उल्काओं को देखना मुश्किल हो सकता है। शहरों से दूर, कम रोशनी वाले इलाकों में आसमान साफ होने पर बेहतर नजारा मिलने की संभावना है। पर्सिड उल्काएं रात के बाद के घंटों में अधिक आसानी से देखी जा सकती हैं।

इसी तारीख को दुनिया के कुछ हिस्सों में पूर्ण सूर्य ग्रहण भी होगा, लेकिन भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा। भारत में रात के समय पर्सिड उल्कापात देखने का मौका जरूर रहेगा।
खगोलीय घटनाओं से जुड़ी यह रात 2026 की सबसे खास रातों में शामिल हो सकती है।
