- बीकेसी–वाकोला आर्म का अंतिम कार्य भी पूरा

● मुंबई
मुंबई की महत्वपूर्ण पूर्व–पश्चिम कनेक्टिविटी परियोजना सांताक्रुज–चेंबूर लिंक रोड (एससीएलआर) चरण-2 के अंतर्गत एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। परियोजना के अंतिम प्रमुख संरचनात्मक कार्य के पूरा होने के साथ 10.88 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर अब पूर्णता के करीब पहुंच गया है।
वाकोला नाला पुल के ऊपर दो स्तरों पर 54 मीटर लंबे ट्विन कॉम्पोजिट गर्डर्स के सफल स्थापना के साथ बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) और वाकोला के बीच का अंतिम महत्वपूर्ण संपर्क अब संरचनात्मक रूप से तैयार हो गया है। यह खंड आकार में छोटा होने के बावजूद पूरे कॉरिडोर के विभिन्न उन्नत मार्गों और कनेक्टर्स को जोड़ने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
इस निर्माण कार्य को अत्यंत सीमित शहरी क्षेत्र में अंजाम दिया गया, जहां पारंपरिक सहायक संरचनाओं का उपयोग संभव नहीं था। 54 मीटर लंबे इस स्पैन की डेक चौड़ाई 8.5 मीटर तथा वजन लगभग 358 मीट्रिक टन है। इसके लिए 700 और 500 मीट्रिक टन क्षमता वाले भारी-भरकम क्रेनों का उपयोग करते हुए फुल-स्पैन लॉन्चिंग तकनीक अपनाई गई। कार्य को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया गया, जिसमें पहले दो गर्डर्स और बाद में तीसरे गर्डर की स्थापना कर अंतिम समायोजन किया गया।
यह कॉरिडोर पूर्व द्रुतगति महामार्ग (ईईएच) और पश्चिम द्रुतगति महामार्ग (डब्ल्यूईएच) को जोड़ते हुए सांताक्रुज, वाकोला, कलीना, कुर्ला और चेंबूर जैसे प्रमुख क्षेत्रों को निर्बाध रूप से जोड़ेगा। लगभग 11 किलोमीटर लंबा यह मार्ग सिग्नल-फ्री यात्रा की सुविधा प्रदान करेगा, जिससे यातायात दबाव कम होने और यात्रा समय घटने की उम्मीद है।
