■ महाराष्ट्र की राजनीति में बढ़ी हलचल

● मुंबई
महाराष्ट्र की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब शरद पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि को लेकर सकारात्मक टिप्पणी की। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है।
एक कार्यक्रम में बोलते हुए शरद पवार ने कहा कि भले ही उनके और नरेंद्र मोदी के बीच राजनीतिक मतभेद हों, लेकिन यह स्वीकार करना चाहिए कि प्रधानमंत्री के रूप में मोदी अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की प्रतिष्ठा को मजबूत करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जब देशहित की बात आती है, तो सभी को एकजुट होकर काम करना चाहिए और राजनीतिक मतभेदों को अलग रखना चाहिए।
पवार ने पूर्व प्रधानमंत्रियों इंदिरा गांधी, पी.वी. नरसिंह राव और मनमोहन सिंह का उदाहरण देते हुए कहा कि इन नेताओं ने भी हमेशा देश की प्रतिष्ठा को प्राथमिकता दी। हालांकि, पवार के इस बयान से सभी सहमत नहीं हैं।
शिवसेना (उबाठा) सांसद संजय राऊत ने इस पर असहमति जताते हुए कहा कि वे पवार के विचारों से सहमत नहीं हैं और प्रधानमंत्री को कई मुद्दों पर जवाब देना चाहिए। इस बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है।
