
● मुंबई
मुंबई में हर मानसून के दौरान सड़कों पर गड्ढों को लेकर होने वाली परेशानी और जिम्मेदारी को लेकर उठने वाले विवाद को खत्म करने के लिए बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। बृहनमुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) अब महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एमएसआरडीसी) द्वारा बनाए गए 41 महत्वपूर्ण ढांचों की देखरेख अपने हाथ में लेने जा रही है।
इस फैसले के तहत कुल 41 संरचनाएं बीएमसी के अधीन आएंगी, जिनमें 27 फ्लायओवर, 4 फुट ओवर ब्रिज, 4 पैदल अंडरपास, 4 ट्रैफिक जंक्शन, 1 रेलवे ओवर ब्रिज और 1 वाहन अंडरपास शामिल हैं। अब तक इन संरचनाओं का निर्माण और रखरखाव एमएसआरडीसी द्वारा किया जाता रहा है, जिससे कई बार जिम्मेदारी को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा होती थी।
दरअसल, पिछले वर्ष मुंबई के वाकोला फ्लायओवर पर गड्ढों के कारण भारी ट्रैफिक जाम और लोगों की नाराजगी सामने आई थी। उस समय बीएमसी और एमएसआरडीसी के बीच जिम्मेदारी को लेकर आरोप-प्रत्यारोप भी देखने को मिले थे। इसी तरह की घटनाओं को रोकने के लिए अब एक ही एजेंसी के तहत रखरखाव की व्यवस्था की जा रही है।
इस निर्णय से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अब सड़कों और फ्लायओवर के रखरखाव में जवाबदेही स्पष्ट होगी। मानसून के दौरान गड्ढों की समस्या पर तेजी से कार्रवाई संभव हो सकेगी और नागरिकों को बार-बार होने वाली परेशानियों से राहत मिलने की उम्मीद है।
