
● मुंबई
मुंबई में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से पहले अभिभावकों को एक और आर्थिक झटका लगा है। स्कूल बस ओनर्स एसोसिएशन (साबोआ) ने घोषणा की है कि जून 2026 से स्कूल बस फीस में 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की जाएगी। एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल गर्ग ने बताया कि डीजल की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि के कारण यह फैसला लेना मजबूरी बन गया है।
जानकारी के अनुसार, पिछले 11 दिनों में ही डीजल के दाम करीब 8 रुपए प्रति लीटर बढ़ चुके हैं, जिससे स्कूल बस संचालकों की लागत पर सीधा असर पड़ा है। इसके अलावा, वाहन मेंटेनेंस, बीमा, स्पेयर पार्ट्स और ड्राइवर-स्टाफ के वेतन में बढ़ोतरी ने भी कुल खर्च में काफी इजाफा किया है। ऐसे में बस ऑपरेटरों का कहना है कि बिना फीस बढ़ाए सेवा जारी रखना मुश्किल हो गया था।
इस निर्णय का सीधा असर अभिभावकों की जेब पर पड़ेगा, जो पहले से ही स्कूल फीस, किताबें, यूनिफॉर्म और अन्य शैक्षणिक खर्चों के दबाव से जूझ रहे हैं। खासकर मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए यह बढ़ोतरी चिंता का विषय बन गई है।
हालांकि, एसोसिएशन ने संकेत दिया है कि यदि भविष्य में डीजल की कीमतों में स्थिरता आती है, तो फीस में राहत देने पर विचार किया जा सकता है।
फिलहाल नई दरें जून से लागू होंगी, जिससे नए सत्र में स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ेगा।
