▪️ भाजपा ने जीतीं 11 सीटें, महाविकास आघाड़ी का नहीं खुला खाता; नासिक में बागी उम्मीदवार ने किया उलटफेर

▪️ मुंबई
राज्य की स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं से जुड़ी विधान परिषद की 17 सीटों के चुनाव में महायुति ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 16 सीटों पर जीत दर्ज की है। इनमें से 6 उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके थे, जबकि बाकी 11 सीटों के नतीजे आज घोषित हुए। इस चुनाव में महाविकास आघाड़ी का खाता भी नहीं खुल सका, यानी सूपड़ा साफ हो गया।
18 जून को हुए मतदान के बाद आए परिणामों में भाजपा ने सबसे ज्यादा 11 सीटें जीतकर अपनी ताकत साबित की। वहीं, शिवसेना (शिंदे) को 3 सीटें और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को 2 सीटों पर सफलता मिली। एकमात्र सीट नासिक में महायुति को हार का सामना करना पड़ा, जहां भाजपा के बागी उम्मीदवार गोकुल गीते ने निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ते हुए शिवसेना के आधिकारिक उम्मीदवार नरेंद्र दराडे को पराजित कर बड़ा उलटफेर किया।
निर्विरोध चुने गए उम्मीदवारों में ठाणे से रविंद्र फाटक, कोकण से अनिकेत तटकरे, पुणे से विक्रम काकड़े, अहिल्यानगर से प्राजक्त तनपुरे, यवतमाल से दुष्यंत चतुर्वेदी और वर्धा-गडचिरोली-चंद्रपुर से अरुण लखानी शामिल हैं।
अन्य प्रमुख विजेताओं में नागपुर से राजीव पोतदार, अमरावती से प्रवीण पोटे, जलगांव से नंदकिशोर महाजन, सोलापुर से राजेंद्र राऊत और छत्रपति संभाजीनगर-जालना से सुहास शिरसाट जैसे नाम शामिल हैं।
- कैसे होती है यह चुनाव प्रक्रिया?
विधान परिषद चुनाव प्रत्यक्ष मतदान से नहीं होते, बल्कि इसमें वरीयता क्रम (प्रेफरेंशियल वोटिंग) प्रणाली अपनाई जाती है। मतदाता उम्मीदवारों को प्राथमिकता के आधार पर वोट देते हैं। तय कोटा पूरा करने वाला उम्मीदवार विजयी घोषित होता है। खास बात यह है कि इस चुनाव में गुप्त मतदान होता है, जिससे क्रॉस वोटिंग की संभावना बनी रहती है। कुल मिलाकर, इस चुनाव में महायुति का दबदबा साफ नजर आया, जबकि विपक्ष पूरी तरह हाशिए पर चला गया है।
