
▪️ मुंबई
मुंबई विश्वविद्यालय की टीवाईबीकॉम (तृतीय वर्ष बीकॉम) परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक होने का मामला अब गंभीर जांच के दायरे में आ गया है। राज्य की उच्च शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाले इस प्रकरण को लेकर महाराष्ट्र के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटील ने राज्य सीआईडी को जांच सौंपने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अप्रैल में आयोजित टीवाईबीकॉम के छठे सेमेस्टर की कुछ विषयों की प्रश्नपत्रिकाएं परीक्षा शुरू होने से पहले ही छात्रों तक पहुंच गई थीं। प्रारंभिक जांच में बांद्रा स्थित एक महाविद्यालय से जुड़े कुछ लोगों की संदिग्ध भूमिका सामने आने की बात कही जा रही है। आरोप हैं कि प्रश्नपत्र सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिए प्रसारित किए गए।
मामले के सामने आने के बाद छात्र संगठनों में व्यापक आक्रोश देखा गया। विभिन्न छात्र संगठनों, विशेषकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी), ने इसे शिक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर गंभीर आघात बताते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की। संगठनों ने दोषियों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई करने की भी मांग उठाई है।
उधर, मुंबई विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी तत्काल कदम उठाते हुए एक कर्मचारी को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। इसके अलावा मामले से जुड़े अन्य व्यक्तियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। विश्वविद्यालय की ओर से पुलिस में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है। अब सीआईडी जांच से पूरे प्रकरण की परतें खुलने और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय होने की उम्मीद जताई जा रही है।
