▪️ पेपर लीक विवाद के बाद शिक्षा मंत्रालय का बड़ा फैसला, परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की तैयारी

- नई दिल्ली
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी में अगले वर्ष से बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। शिक्षा मंत्रालय ने संकेत दिया है कि नीट-यूजी को वर्ष 2027 से कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) के रूप में आयोजित किया जाएगा। यह निर्णय हाल के वर्षों में सामने आए पेपर लीक और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं के बाद लिया गया है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने स्पष्ट किया है कि सरकार परीक्षा प्रणाली में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को लेकर ‘शून्य सहनशीलता’ की नीति पर काम कर रही है। उनका कहना है कि कंप्यूटर आधारित परीक्षा से प्रश्नपत्र की सुरक्षा बढ़ेगी, परीक्षा प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी और नकल या पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।
वर्तमान में नीट-यूजी पेन-पेपर मोड में आयोजित की जाती है, जिसमें देशभर के लाखों विद्यार्थी शामिल होते हैं। हाल में परीक्षा की विश्वसनीयता को लेकर उठे सवालों ने सरकार को परीक्षा पद्धति में व्यापक सुधारों पर विचार करने के लिए प्रेरित किया। इसी क्रम में डिजिटल परीक्षा प्रणाली को अपनाने का निर्णय सामने आया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कंप्यूटर आधारित परीक्षा से परिणाम प्रक्रिया भी अधिक तेज और सटीक होगी। साथ ही परीक्षा केंद्रों पर निगरानी व्यवस्था मजबूत होने से निष्पक्षता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
हालांकि नई व्यवस्था के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश और परीक्षा संचालन की रूपरेखा बाद में जारी की जाएगी, लेकिन इतना तय माना जा रहा है कि आने वाले वर्षों में मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं का स्वरूप तकनीक आधारित और अधिक सुरक्षित होगा।
