
- मुंबई। मुंबई की लाइफलाइन मानी जाने वाली बेस्ट बस सेवा इन दिनों गंभीर आर्थिक और संचालन संकट का सामना कर रही है। हालिया रिपोर्ट के अनुसार, बेस्ट की बसों में यात्रियों की संख्या में 33 प्रतिशत की गिरावट आई है, जिससे उसके राजस्व पर सीधा असर पड़ा है। एक समय लाखों यात्रियों की पहली पसंद रही यह सेवा अब अपनी पकड़ खोती नजर आ रही है। वहीं मुंबई मेट्रो का रिकॉर्ड 30 करोड़ यात्रियों का आंकड़ा पार कर चुका है। यानी मेट्रो यात्रियों की संख्या में 3.35 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, उक्त स्थितियों देखते हुए जहां मेट्रो का जोर बढ़ रहा है वहीं बेस्ट कमजोर होते दिखाई दे रही है।
ताजा आंकड़ों के अनुसार, मेट्रो की औसत दैनिक राइडरशिप अब बढ़कर लगभग 2.79 लाख यात्रियों तक पहुंच गई है, जो पहले 2.70 लाख थी। यानी यात्री संख्या में करीब 3.35 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। खास बात यह है कि आखिरी 5 करोड़ यात्रियों का सफर सिर्फ 179 दिनों में पूरा हुआ, जो मेट्रो की बढ़ती लोकप्रियता और उपयोगिता को साफ दिखाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बसों की संख्या में कमी और निजी ठेकेदारों पर बढ़ती निर्भरता ने सेवा की गुणवत्ता को प्रभावित किया है। कई रूट्स पर बसें कम हो गई हैं, जिससे यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। इसके अलावा किराए में बढ़ोतरी भी यात्रियों के दूर होने की बड़ी वजह मानी जा रही है।
