
▪️मुंबई
महाराष्ट्र में पिछले कुछ दिनों से बारिश की रफ्तार कुछ धीमी पड़ी है, लेकिन मौसम का यह ठहराव ज्यादा लंबा रहने की संभावना नहीं है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, दो कम दबाव वाले क्षेत्रों के प्रभाव से आने वाले दिनों में मानसून फिर सक्रिय हो सकता है और राज्य के कई हिस्सों में बारिश का जोर बढ़ सकता है।
प्रशांत महासागर में इस समय एल निनो की स्थिति बनी हुई है। सामान्य तौर पर एल निनो का असर भारतीय मानसून पर प्रतिकूल माना जाता है, लेकिन इस बार परिस्थितियां कुछ अलग नजर आ रही हैं। उत्तर प्रदेश और आसपास बने कम दबाव के क्षेत्र तथा पश्चिम बंगाल-उत्तर ओडिशा के आसपास विकसित हुई दूसरी मौसम प्रणाली के कारण देश के कई हिस्सों में बारिश बढ़ने का अनुमान है।
मौसम विभाग के अनुसार, कम दबाव वाले क्षेत्र अपने आसपास से अधिक नमी खींचते हैं। इसके चलते वातावरण में बादलों का निर्माण बढ़ता है और कई इलाकों में तेज बारिश हो सकती है। जुलाई में भी ऐसी ही मौसम प्रणालियों के कारण महाराष्ट्र के कई हिस्सों में अच्छी बारिश हुई थी।
महाराष्ट्र की बात करें तो 1 से 8 अगस्त के बीच मध्य महाराष्ट्र में कुछ स्थानों पर अच्छी बारिश हुई, जबकि कोंकण में बारिश अपेक्षाकृत कम रही। मराठवाड़ा और विदर्भ में भी बारिश हुई, लेकिन कई इलाकों में यह सामान्य औसत से कम रही है।
मौसम विभाग के दीर्घकालीन अनुमान के मुताबिक 13 से 20 अगस्त के बीच विदर्भ, मध्य महाराष्ट्र और कोंकण के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इससे इन क्षेत्रों में अच्छी बारिश होने की उम्मीद है।
