▪️ पाकिस्तान की मनमानी पर यूनेस्को का सख्त रुख

- नई दिल्ली
पाकिस्तान की विश्व धरोहर तक्षशिला (टैक्सिला) में किए गए पुनर्निर्माण कार्यों पर संयुक्त राष्ट्र की सांस्कृतिक संस्था यूनेस्को ने गंभीर आपत्ति जताई है। संस्था ने पाकिस्तान सरकार से कहा है कि यदि ऐतिहासिक स्थलों पर किए गए विवादित बदलावों को वापस नहीं लिया गया तो तक्षशिला को ‘विश्व धरोहर संकट सूची’ (Danger List) में शामिल किया जा सकता है।
यूनेस्को की आपत्ति मुख्य रूप से मोहरा मोरादू और सिरकप पुरातात्विक स्थलों पर हुए निर्माण कार्यों को लेकर है। संस्था का कहना है कि इन हस्तक्षेपों से स्मारकों की मौलिकता और ऐतिहासिक स्वरूप प्रभावित हुआ है। निरीक्षण के दौरान सामने आई तस्वीरों में प्राचीन दीवारों की जगह नई चिनाई और कुछ स्थानों पर दीवारों की ऊंचाई बढ़ाए जाने के संकेत मिले हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, यूनेस्को ने पाकिस्तान से संरक्षण और जीर्णोद्धार कार्यों से जुड़े सभी तकनीकी दस्तावेज, प्रभाव आकलन रिपोर्ट तथा निर्माण से पहले और बाद की तस्वीरें भी मांगी हैं। संस्था ने स्पष्ट किया है कि यदि अंतरराष्ट्रीय संरक्षण मानकों का पालन नहीं किया गया तो तक्षशिला की विश्व धरोहर की मान्यता भी खतरे में पड़ सकती है।
हालांकि, पंजाब पुरातत्व विभाग ने इन आरोपों से असहमति जताते हुए कहा है कि यह कार्य पुनर्निर्माण नहीं, बल्कि ऐतिहासिक अवशेषों के संरक्षण और स्थिरीकरण के उद्देश्य से किए गए हैं। अब इस मामले में पाकिस्तान सरकार के जवाब और यूनेस्को के अगले निर्णय पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
