
▪️मुंबई
महाराष्ट्र विधानसभा और विधान परिषद के विधायकों के निजी सहायक (पीए) और वाहन चालकों के मानदेय में जल्द बढ़ोतरी हो सकती है। राज्य सरकार ने इस संबंध में तैयार प्रस्ताव को अंतिम रूप देकर वित्त विभाग के पास भेज दिया है। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो पीए का मासिक मानदेय 30 हजार रुपए से बढ़ाकर 40 हजार रुपए और वाहन चालकों का मानदेय 20 हजार रुपए से बढ़ाकर 30 हजार रुपए कर दिया जाएगा।
यह मुद्दा विधान परिषद में भाजपा सदस्य प्रवीण दरेकर ने उठाया। उन्होंने कहा कि कई वर्षों से पीए और वाहन चालकों के मानदेय में कोई वृद्धि नहीं हुई है, जबकि उनकी जिम्मेदारियां लगातार बढ़ी हैं। उन्होंने तर्क दिया कि प्रस्तावित बढ़ोतरी से सरकारी खजाने पर बहुत अधिक अतिरिक्त बोझ भी नहीं पड़ेगा। इस मांग को सदन के विभिन्न दलों के सदस्यों का समर्थन भी मिला।
संसदीय कार्य मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने सदन को बताया कि प्रस्ताव में मौजूद सभी तकनीकी कमियों को दूर कर दिया गया है और फाइल अब वित्त विभाग के पास भेज दी गई है। सरकार इस पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने का प्रयास कर रही है।
चर्चा के दौरान एक और महत्वपूर्ण मांग भी सामने आई। सदस्यों ने कहा कि जिन विधायकों के साथ दूसरा निजी सहायक कार्य करता है, उसे भले ही मानदेय न दिया जाए, लेकिन कम से कम आधिकारिक पहचान पत्र (आई-कार्ड) उपलब्ध कराया जाए, ताकि उसे विधानसभा परिसर और सरकारी कार्यालयों में कामकाज के दौरान अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
