
▪️मुंबई
मुंबई में लगातार हो रही बारिश का असर शहर को पेयजल उपलब्ध कराने वाली झीलों पर साफ दिखाई देने लगा है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के हाइड्रोलिक इंजीनियरिंग विभाग की गुरुवार सुबह 6 बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार, शहर की सातों जलापूर्ति झीलों में कुल 7,03,260 मिलियन लीटर (एमएल) पानी संग्रहित है, जो उनकी कुल उपयोगी क्षमता का 48.59 प्रतिशत है।
बारिश के चलते विहार और तुलसी झील पूरी तरह भर चुकी हैं। विहार झील 7 जुलाई की रात 9 बजे से और तुलसी झील उसी दिन रात 11:43 बजे से ओवरफ्लो हो रही हैं। अन्य प्रमुख जलाशयों में मोडक सागर 82.66 प्रतिशत, तानसा 77.48 प्रतिशत, भातसा 42.68 प्रतिशत, मिडिल वैतरणा 42.12 प्रतिशत तथा अपर वैतरणा 26.88 प्रतिशत क्षमता तक भर चुके हैं।
बीते 24 घंटों में जलस्तर में सबसे अधिक बढ़ोतरी मिडिल वैतरणा झील में 3.62 मीटर दर्ज की गई। इसके बाद भातसा में 2.70 मीटर, मोडक सागर में 1.69 मीटर और तानसा में 0.68 मीटर की वृद्धि हुई। वहीं, अपर वैतरणा का जलस्तर 0.51 मीटर, विहार का 0.15 मीटर और तुलसी का 0.04 मीटर बढ़ा।
वर्षा के आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले 24 घंटों में अपर वैतरणा जलग्रहण क्षेत्र में सर्वाधिक 160 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा मोडक सागर में 85 मिमी, मिडिल वैतरणा में 84 मिमी, विहार में 79 मिमी, तुलसी में 70 मिमी, तानसा में 66 मिमी और भातसा में 33 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। लगातार हो रही बारिश से आने वाले दिनों में मुंबई की जलापूर्ति करने वाली झीलों के जल भंडार में और वृद्धि की संभावना जताई जा रही है।
