
▪️मुंबई
1993 के मुंबई सिलसिलेवार बम धमाकों के विशेष सरकारी वकील और राज्यसभा सांसद उज्ज्वल निकम ने अभिनेता संजय दत्त को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि यदि संजय दत्त ने समय रहते पुलिस को हथियारों से भरे वाहन की जानकारी दे दी होती, तो संभव है कि 12 मार्च 1993 को हुए मुंबई बम धमाकों को रोका जा सकता था।
एक साक्षात्कार में निकम ने बताया कि धमाकों से एक दिन पहले अंडरवर्ल्ड सरगना अबू सलेम हथियारों से भरा एक वाहन संजय दत्त के घर लेकर आया था। निकम के अनुसार, संजय दत्त ने उसमें से एक एके-56 राइफल अपने पास रख ली और बाकी हथियार वापस कर दिए। उनका कहना है कि यदि उसी समय इसकी सूचना पुलिस को दे दी जाती, तो जांच एजेंसियां हथियारों की खेप तक पहुंच सकती थीं और पूरी साजिश का पर्दाफाश होने की संभावना बनती।
हालांकि, निकम ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी व्यक्तिगत राय में संजय दत्त 1993 के बम धमाकों की साजिश से अनजान थे। उन्होंने कहा कि संजय दत्त को हथियार रखने का शौक था और इसी वजह से उन्होंने अवैध रूप से एक राइफल अपने पास रखी। उनके खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप सिद्ध नहीं हुआ, लेकिन अवैध हथियार रखने के मामले में उन्हें शस्त्र अधिनियम के तहत दोषी ठहराया गया और जेल की सजा हुई।
निकम ने यह भी खुलासा किया कि जब अदालत ने संजय दत्त को दोषी ठहराया, तब उन्होंने अभिनेता को संयम बनाए रखने की सलाह दी थी। उन्होंने कहा था कि अदालत के फैसले के बाद घबराहट या भय का प्रदर्शन गलत संदेश दे सकता है और उनके पास ऊपरी अदालत में अपील का अधिकार मौजूद है।
गौरतलब है कि 12 मार्च 1993 को मुंबई में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों में 257 लोगों की मौत हुई थी और 1,400 से अधिक लोग घायल हुए थे। उज्ज्वल निकम के इस बयान ने तीन दशक पुराने इस मामले को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
