▪️सूर्यकांत उपाध्याय

एक बार एक ग्राहक चित्रों की एक दुकान पर गया। वहाँ उसने कुछ अजीब-से चित्र देखे। पहले चित्र में एक व्यक्ति का चेहरा पूरी तरह बालों से ढका हुआ था और उसके पैरों में पंख थे।
दूसरे चित्र में उसी व्यक्ति का सिर पीछे से पूरी तरह गंजा था। ग्राहक ने पूछा, ‘यह चित्र किसका है?’ दुकानदार बोला, ‘यह अवसर का चित्र है।’
ग्राहक ने पूछा, ‘इसका चेहरा बालों से ढका हुआ क्यों है?’ दुकानदार ने उत्तर दिया, ‘क्योंकि अक्सर जब अवसर हमारे सामने आता है, तब मनुष्य उसे पहचान नहीं पाता।’
फिर ग्राहक ने पूछा, ‘इसके पैरों में पंख क्यों हैं?’ दुकानदार बोला, ‘इसलिए कि यदि अवसर का समय पर उपयोग न किया जाए, तो वह तुरंत उड़ जाता है और फिर वापस नहीं आता।’
ग्राहक ने फिर पूछा, ‘और दूसरे चित्र में पीछे से गंजा सिर किसका है?’ दुकानदार मुस्कराकर बोला, ‘यह भी अवसर का ही चित्र है। यदि अवसर को सामने से ही उसके बाल पकड़कर थाम लिया जाए, तो वह आपका हो जाता है। लेकिन यदि उसे थोड़ी देर से पकड़ने की कोशिश करेंगे, तो पीछे का गंजा सिर ही हाथ आएगा और वह फिसलकर निकल जाएगा।’
चित्रों का रहस्य जानकर ग्राहक हैरान भी था और संतुष्ट भी।
- शिक्षा: अवसर हमेशा हमारे सामने आते-जाते रहते हैं, परंतु हम उन्हें पहचान नहीं पाते। इसलिए अवसर को समय रहते पहचानें, उसका साहसपूर्वक लाभ उठाएँ और उसे अपने हाथों से फिसलने न दें।
