
▪️मुंबई
छात्रों की बढ़ती नाराजगी, लंबित शिकायतों और प्रशासनिक कार्यों में देरी को लेकर लगातार हो रही आलोचना के बीच मुंबई यूनिवर्सिटी ने बड़ा कदम उठाया है। विश्वविद्यालय ने छात्रों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए ‘स्टूडेंट-वाईस चांसलर डायलॉग’ पहल को फिर से शुरू करने का फैसला किया है।
इस पहल के तहत हर महीने के पहले मंगलवार को छात्र सीधे कुलपति और विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों से मिलकर अपनी समस्याएं और सुझाव रख सकेंगे। नए शैक्षणिक सत्र की पहली खुली बैठक 4 अगस्त को सुबह 11 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक विद्यानगरी परिसर स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज भवन में आयोजित होगी।
बैठक में कुलपति प्रो. रवींद्र कुलकर्णी, प्रो-वाइस चांसलर डॉ. अजय भामरे, रजिस्ट्रार डॉ. प्रसाद करांदे, परीक्षा एवं मूल्यांकन विभाग की निदेशक डॉ. पूजा राउंडाले सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे। छात्र परीक्षा परिणाम में देरी, रीवैल्यूएशन, मार्कशीट, डिग्री प्रमाणपत्र और अन्य प्रशासनिक समस्याओं पर सीधे अधिकारियों से जवाब मांग सकेंगे।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, पहले भी इस पहल के माध्यम से अनेक मामलों का समाधान हुआ था। अब इसे अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से दोबारा शुरू किया जा रहा है। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अंतर्गत ‘नेप कनेक्ट’ पहल का हिस्सा है, जिसका मकसद छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच संवाद बढ़ाना तथा पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करना है।
बैठक में भाग लेने वाले छात्रों को अपना पहचान पत्र और संबंधित समस्या का लिखित आवेदन साथ लाने की सलाह दी गई है।
