• विनीत त्रिपाठी @ वाराणसी

विश्व प्रसिद्ध रामनगर रामलीला का शुभारंभ आज पारंपरिक गणेश पूजन के साथ होगा। सदियों पुरानी इस ऐतिहासिक परंपरा के प्रथम दिवस पर पंच स्वरूप, गुरु वशिष्ठ और संकटमोचन हनुमान जी का वैदिक विधि-विधान से पूजन एवं आह्वान किया जाएगा। इसके साथ ही रामलीला की तैयारियां और पात्रों का नियमित अभ्यास भी शुरू हो जाएगा।

परंपरा के अनुसार नए पीढ़े पर भगवान गणेश और हनुमान जी के मुखौटे स्थापित कर विशेष पूजा की जाती है। पूजन में रामलीला के मंच, मुखौटे और पुतलों के निर्माण में प्रयुक्त औजार, जैसे ब्रश, बंसुला और कैंची भी रखे जाते हैं, जो कला, शिल्प और कर्म के प्रतीक माने जाते हैं। वहीं लाल वस्त्र में लिपटी रामलीला की पावन पोथी का भी विधिवत पूजन किया जाता है।

गणेश पूजन के बाद रामलीला व्यास पंच स्वरूपों को संवाद, अभिनय, हाव-भाव और अनुशासन का प्रशिक्षण देंगे, ताकि मंचन के दौरान वे अपने पात्रों का प्रभावी निर्वहन कर सकें।
इस वर्ष विश्व प्रसिद्ध रामनगर रामलीला का विधिवत मंचन 25 सितंबर (अनंत चतुर्दशी) से शुरू होगा। इसे लेकर रामनगर, वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। हर वर्ष की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में रामभक्त और देश-विदेश से आने वाले लीला प्रेमियों के पहुंचने की उम्मीद है। अपनी प्राचीन परंपरा, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत के कारण रामनगर रामलीला को विश्वभर में विशिष्ट पहचान प्राप्त है।

इस वर्ष प्रभु श्रीराम के स्वरूप के लिए मिर्जापुर के अंश पांडेय का चयन किया गया है, जबकि चंदौली के पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर निवासी रुद्र उपाध्याय माता सीता की भूमिका निभाएंगे। भरत की भूमिका प्रह्लादघाट निवासी श्रेयांश उपाध्याय, लक्ष्मण की भूमिका महमूरगंज के यक्ष तिवारी और शत्रुघ्न की भूमिका मिर्जापुर के जमालपुर निवासी शिवांक उपाध्याय निभाएंगे।
सभी चयनित बालकों की आयु 15 वर्ष है। 22 प्रतिभागियों के बीच हुई स्वर परीक्षा के बाद स्वर की कोमलता, उच्चारण और भावाभिव्यक्ति के आधार पर इनका चयन किया गया। चयन प्रक्रिया रामनगर दुर्ग में कुंवर अनंत नारायण सिंह की उपस्थिति में संपन्न हुई।
