▪️सूर्यकांत उपाध्याय

एक किसान की एक बहुत ही सुंदर बेटी थी। एक दिन एक नौजवान उसकी बेटी से विवाह करने की इच्छा लेकर किसान के पास पहुँचा।
उसने किसान से उसकी बेटी का हाथ माँगा। किसान ने युवक की ओर देखा और कहा, ‘तुम खेत में जाओ। मैं एक-एक करके तीन बैल छोड़ूँगा। यदि तुम तीनों में से किसी एक बैल की भी पूँछ पकड़ लो, तो मैं अपनी बेटी का विवाह तुमसे कर दूँगा।’
यह आसान-सी शर्त सुनकर नौजवान बहुत खुश हुआ और खेत में बैल की पूँछ पकड़ने की तैयारी करके खड़ा हो गया।
किसान ने खेत में बने घर का दरवाज़ा खोला। तभी उसमें से एक बहुत बड़ा और बेहद खतरनाक बैल बाहर निकला। नौजवान ने ऐसा विशाल बैल पहले कभी नहीं देखा था। वह डर गया और उसने सोचा कि अगले बैल का इंतज़ार करना ही बेहतर होगा। वह एक ओर हट गया और बैल उसके पास से निकल गया।
कुछ देर बाद दरवाज़ा फिर खुला। इस बार पहले से भी बड़ा और अधिक भयंकर बैल बाहर आया। नौजवान ने मन ही मन सोचा, ‘इससे तो पहला बैल ही अच्छा था।’ वह फिर एक ओर हट गया और दूसरे बैल को भी निकल जाने दिया।
तीसरी बार जब दरवाज़ा खुला, तो नौजवान के चेहरे पर मुस्कान आ गई। इस बार एक छोटा और दुबला-पतला बैल बाहर निकला। जैसे ही वह उसके पास पहुँचा, नौजवान उसकी पूँछ पकड़ने के लिए तैयार हो गया। लेकिन यह क्या! उस बैल की तो पूँछ ही नहीं थी।
- शिक्षा: दोस्तों, हर इंसान का जीवन अवसरों से भरा होता है। कुछ अवसर सरल होते हैं और कुछ कठिन। लेकिन यदि एक बार कोई अवसर हाथ से निकल जाए, तो वह दोबारा नहीं मिलता।
