
- मुंबई। साहित्य, इतिहास और मुंबई की सांस्कृतिक विरासत को समर्पित एक गरिमामय समारोह में रविवार को आर.के. पब्लिकेशन, मुंबई द्वारा प्रकाशित तथा कमांडर मनोज चौधरी की पुस्तक ‘मरीन ड्राइव : मुंबई का दिल’ का लोकार्पण पुलिस जिमखाना, मरीन ड्राइव के सभागार में किया गया। पुस्तक का विमोचन प्रोफेसर दयानंद तिवारी, कमांडर सुलक्षण कुमार शर्मा, पुलिस उपाधीक्षक संजय गोविलकर, वरिष्ठ पत्रकार विवेक अग्रवाल, लेखक नितिन सालुंखे तथा आर.के. पब्लिकेशन के निदेशक रामकुमार ने संयुक्त रूप से किया।
समारोह में वक्ताओं ने कहा कि मरीन ड्राइव केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि मुंबई की आत्मा, संस्कृति, संघर्ष, संवेदनाओं और सपनों का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक देश-विदेश के उन पाठकों के लिए भी उपयोगी सिद्ध होगी, जो मुंबई के इतिहास, संस्कृति और जीवन-दर्शन को समझना चाहते हैं। वक्ताओं के अनुसार, किसी शहर को केवल उसके भौगोलिक स्वरूप से नहीं, बल्कि उसकी सांस्कृतिक चेतना और मानवीय संबंधों के माध्यम से प्रस्तुत करना समय की आवश्यकता है और यह पुस्तक उस उद्देश्य को सफलतापूर्वक पूरा करती है।
पुस्तक के लेखक कमांडर मनोज चौधरी ने कहा कि भारतीय नौसेना में सेवाकाल के दौरान उन्हें मुंबई को निकट से देखने और समझने का अवसर मिला। उसी अनुभव, गहन अध्ययन और संवेदनाओं ने इस पुस्तक को आकार दिया।

कार्यक्रम के दौरान मुंबई पुलिस की कांस्टेबल काजल चौहान को समुद्र में गिरी एक महिला की जान बचाने के साहसिक कार्य के लिए ‘विशिष्ट सेवा सम्मान’ प्रदान किया गया। वहीं, मरीन ड्राइव के सफाईकर्मी श्री सायलो को ‘विशेष स्वच्छता सम्मान’ से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार राजेश विक्रांत ने किया तथा आभार प्रदर्शन आर.के. पब्लिकेशन के निदेशक रामकुमार ने किया।
इस अवसर पर कमांडर पुष्पा पांडेय, संजय तिवारी, कमांडर विपिन झा, शायर शिवदत्त अक्स, लेफ्टिनेंट कमांडर विशाल प्रीतम, बेनू चौधरी, विनीत चौधरी, कैप्टन मुकेश कुमार गुप्ता, सर्जन कैप्टन डॉ. सामंत राय मोहंती, संजय सिंह, शराफत खान, रवि यादव, संजय रोकड़े, विनोद चतुर्वेदी, अर्चना राय, अनाहिता तारापोर, ताराचंद मकसाने, कमर हाजीपुरी, डॉ. अलका अग्रवाल सिगतिया, जगदीश पुरोहित, शामी इरफान, नितिन केदारे, सुरेश द्वारिकानाथ मिश्रा, प्रभाशंकर, नवजोत कौर तथा पंडित मुस्तफा आरिफ सहित बड़ी संख्या में साहित्यकार, शिक्षाविद, प्रशासनिक अधिकारी, पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता और पुस्तक-प्रेमी उपस्थित रहे।
