
▪️नई दिल्ली
80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देशवासियों को संबोधित करते हुए भारत की विकास यात्रा, राष्ट्रीय सुरक्षा, शिक्षा, युवा शक्ति और आत्मनिर्भरता से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत आज आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है और 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की दिशा में लगातार कदम बढ़ा रहा है।
राष्ट्रपति ने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए भारतीय सशस्त्र बलों के साहस और क्षमता की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस अभियान ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की निर्णायक कार्रवाई और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की क्षमता को प्रदर्शित किया है।
शिक्षा व्यवस्था पर बात करते हुए मुर्मू ने कहा कि सार्वजनिक परीक्षाओं को पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाना जरूरी है। पेपर लीक और अनुचित साधनों पर रोक के लिए व्यापक सुधार किए जा रहे हैं, ताकि युवाओं को अपनी मेहनत के अनुरूप अवसर मिल सकें।
राष्ट्रपति ने युवाओं की उद्यमिता और स्टार्टअप संस्कृति की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि युवा अब केवल रोजगार तलाशने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले भी बन रहे हैं। खेलों को बढ़ावा देने और युवाओं के शारीरिक व मानसिक विकास को भी उन्होंने देश के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया।
अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने महिला सशक्तीकरण, आत्मनिर्भरता, राष्ट्रीय एकता और ‘विकसित भारत’ के संकल्प को मजबूत करने के लिए नागरिकों की सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
