
▪️मुंबई
महाराष्ट्र सरकार का धर्मस्वातंत्र्य अधिनियम 2026 आगामी 28 अगस्त से पूरे राज्य में लागू होगा। सरकार के मुताबिक, कानून का उद्देश्य जबरदस्ती, धोखे, प्रलोभन या अन्य गैरकानूनी तरीकों से कराए जाने वाले धर्मांतरण पर रोक लगाना है।
कानून के तहत जबरन या धोखाधड़ी से धर्मांतरण कराने पर सात साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है। ऐसे मामलों को गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में रखा गया है। वहीं, अपनी इच्छा से धर्म परिवर्तन करने वाले व्यक्ति को निर्धारित प्रक्रिया के तहत कम से कम 60 दिन पहले संबंधित प्राधिकरण को आवेदन देना होगा।
कानून में अंतरधार्मिक विवाह या संबंध से जन्म लेने वाले बच्चों के धर्म को लेकर भी प्रावधान किया गया है। यदि विवाह या संबंध अवैध धर्मांतरण के बाद हुआ हो, तो बच्चे का धर्म उसकी मां के उस धर्म के आधार पर तय किए जाने की बात कही गई है, जो धर्म वह विवाह या संबंध से पहले मानती थी।
नाशिक के काला राम मंदिर के श्रीमहंत सुधीरदास महाराज ने इस कानून का स्वागत किया है। उनका कहना है कि नए कानून से जबरन धर्मांतरण और कथित ‘लव जिहाद’ के मामलों पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
