
▪️मुंबई
मानसून के बीच मुंबई में मलेरिया का प्रकोप बढ़ता दिखाई दे रहा है। मुंबई महानगरपालिका के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जून, जुलाई और 15 अगस्त तक मुंबई में मलेरिया के 3,177 मरीज सामने आए हैं। वर्ष 2025 में इसी अवधि में यह संख्या 2,852 थी। यानी एक साल में 325 मरीजों की बढ़ोतरी हुई है। बढ़ते आंकड़ों ने मनपा की मच्छर नियंत्रण व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बारिश के दौरान जगह-जगह पानी जमा होने से मच्छरों के प्रजनन का खतरा बढ़ जाता है। इसके बावजूद मच्छरों के प्रजनन स्थलों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं होने से बीमारी फैलने की आशंका बनी हुई है। मुंबई जैसे घनी आबादी वाले शहर में मलेरिया के बढ़ते मामले गंभीर चिंता का विषय हैं।
मनपा के आंकड़ों के मुताबिक, एच1एन1 के मरीज भी 72 से बढ़कर 309 हो गए हैं। हालांकि डेंगू के मरीज 1,217 से घटकर 1,079, चिकनगुनिया 279 से घटकर 33 और लेप्टोस्पायरोसिस 322 से घटकर 189 हो गए हैं। गैस्ट्रो के मरीज भी 2,274 से घटकर 1,752 हुए हैं।
मनपा का दावा है कि बीमारी की रोकथाम के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। 1 से 15 अगस्त के बीच 5,63,382 घरों का सर्वेक्षण और 26,85,828 नागरिकों की जांच की गई। 32,158 रक्त नमूने लिए गए तथा 24 स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए।
