
▪️जयपुर
भाई-बहन का रिश्ता केवल प्यार और विश्वास तक सीमित नहीं होता, बल्कि जरूरत पड़ने पर त्याग और समर्पण की मिसाल भी बन जाता है। राजस्थान में सामने आए किडनी प्रत्यारोपण के कुछ मामलों ने इस रिश्ते की ऐसी ही तस्वीर पेश की है। गंभीर बीमारी से जूझ रहे भाइयों की जिंदगी बचाने के लिए उनकी बहनों ने अपनी किडनी दान कर दी।
जयपुर में उपचार के दौरान ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें बहनों ने अपने भाइयों की बिगड़ती सेहत को देखते हुए उन्हें किडनी देने का फैसला किया। बूंदी के एक किसान की दोनों किडनियां खराब होने के बाद उन्हें नियमित डायलिसिस पर निर्भर रहना पड़ रहा था। डॉक्टरों ने किडनी प्रत्यारोपण की सलाह दी। परिवार की तीन बहनों ने भाई की मदद के लिए आगे आने की इच्छा जताई। जांच के बाद एक बहन किडनी दान के लिए उपयुक्त पाई गईं। उन्होंने अपनी किडनी देकर भाई को नई जिंदगी देने का फैसला किया।
इसी तरह जयपुर में रहने वाले एक व्यक्ति के लिए भी उसकी बहन जीवनदाता बनी। किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रहे भाई के लिए बहन ने अपनी किडनी दान करने का निर्णय लिया। प्रत्यारोपण के बाद मरीज को नया जीवन मिला।
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, किडनी प्रत्यारोपण के मामलों में परिवार के सदस्यों का योगदान बेहद महत्वपूर्ण होता है। कई बार मरीज के लिए उपयुक्त डोनर परिवार में ही मिल जाता है। राजस्थान में सामने आए इन मामलों में बहनों का अपने भाइयों के प्रति समर्पण खास तौर पर उल्लेखनीय रहा।
