
▪️मुंबई। निर्देशक पवन कुमार की नई फिल्म ‘मोरल कॉप’ किशोरों को नियंत्रित करने के बजाय उनके साथ संवेदनशील संवाद की जरूरत को रेखांकित करती है। टर्मिनल कैंसर से जूझ रहीं उनकी मां सीता देवी की फिल्म को बड़े पर्दे पर देखने की इच्छा पूरी करने के लिए विशेष स्क्रीनिंग आयोजित की गई।
फिल्म दिखाती है कि किशोर मन को समझने के बजाय उस पर नियंत्रण की कोशिश परिवार, व्यवहार, निर्णय क्षमता और सामाजिक जुड़ाव पर गहरा असर डाल सकती है। कहानी परिवारों, शिक्षकों और नीति-निर्माताओं से सवाल करती है कि वे किशोरों को वास्तव में सुन रहे हैं या केवल नियंत्रित कर रहे हैं।
फिल्म ‘पैरेंटिंग’, शैक्षणिक सुधार और युवा कल्याण जैसे मुद्दों को भी सामने लाती है। इसका उद्देश्य किशोरों के साथ सहानुभूति और खुले संवाद को बढ़ावा देना है। पवन कुमार का मानना है कि समय रहते नई पीढ़ी को समझना जरूरी है। आयोजन में फिल्म से जुड़े कलाकारों और फिल्म उद्योग की हस्तियों की भावपूर्ण भागीदारी रही।
