
▪️मुंबई। महाराष्ट्र के प्रसिद्ध गणपतिपुले मंदिर में अब श्रद्धालुओं को निर्धारित वेशभूषा के नियमों का पालन करना होगा। मंदिर प्रशासन ने परिसर में ड्रेस कोड लागू करते हुए श्रद्धालुओं से मर्यादित और पारंपरिक परिधान में आने की अपील की है। मंदिर के प्रवेश द्वार पर इस संबंध में सूचना भी प्रदर्शित की गई है।
नए नियमों के तहत छोटे या कम कपड़ों के साथ-साथ समुद्र तट अथवा पर्यटक स्थलों पर पहने जाने वाले परिधानों में मंदिर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। महिलाओं से घुटनों से ऊपर तक की स्कर्ट या ड्रेस नहीं पहनने को कहा गया है। ऐसे कपड़ों से भी बचने की हिदायत दी गई है, जिन पर अश्लील भाषा या आपत्तिजनक चित्र अंकित हों। हालांकि, 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को ड्रेस कोड से छूट दी गई है।
महाराष्ट्र के अन्य प्रमुख मंदिरों में भी श्रद्धालुओं के लिए वेशभूषा संबंधी नियम लागू किए जा चुके हैं। इनमें मुंबई का श्री सिद्धिविनायक मंदिर, सिंधुदुर्ग किले का शिवराजेश्वर मंदिर, लोणावला का आई एकवीरा मंदिर और कोल्हापुर का महालक्ष्मी मंदिर शामिल हैं।
मंदिर प्रशासन का कहना है कि ड्रेस कोड का उद्देश्य मंदिर की धार्मिक गरिमा और पवित्रता बनाए रखना है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे दर्शन के लिए आते समय निर्धारित वेशभूषा का ध्यान रखें।
