- मुंबई। 79वें वार्षिक निरंकारी संत समागम का 23 अक्टूबर को सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज और निरंकारी राजपिता रमित जी के सान्निध्य में शुभारंभ हुआ। 26 अक्टूबर तक चलने वाले समागम में देश-विदेश के लाखों श्रद्धालुओं के साथ मुंबई और महाराष्ट्र से भी हजारों भक्त शामिल हुए।

सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने कहा कि परमात्मा की उपस्थिति का एहसास और आध्यात्मिकता को जीवन में अपनाने से वास्तविक जागृति आती है। प्रेम, सम्मान और अपनत्व के साथ सभी को स्वीकार करना ही सच्ची मानवता है। उन्होंने परिवार, समाज और देश के प्रति जिम्मेदारियां निभाने तथा भेदभाव से ऊपर उठकर विश्वबंधुत्व अपनाने का संदेश दिया।
इस अवसर पर संत निरंकारी मंडल के जनरल सेक्रेटरी सुखदेव सिंह, मंडल प्रधान राजकुमारी, एस. एल. गर्ग और एच. एस. चावला ने सतगुरु माता जी एवं निरंकारी राजपिता जी का स्वागत किया। निरंकारी इंस्टीट्यूट ऑफ म्यूजिक एंड आट्र्स के 600 से अधिक विद्यार्थियों ने भरतनाट्यम और स्वागत गीत प्रस्तुत किए। समागम में मानवता, सेवा और एकता का संदेश दिया गया।
