
▪️मुंबई
मुंबई में वायु प्रदूषण की स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई है। शहर के अधिकांश वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों पर धूल के महीन कणों (पीएम 10) का स्तर निर्धारित मानकों से अधिक दर्ज किया गया है। इससे मुंबईकरों की सेहत पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
बीएमसी की पर्यावरण स्थिति रिपोर्ट 2025-26 के अनुसार, मुंबई के 14 वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों में से 13 पर पीएम 10 का वार्षिक औसत स्तर राष्ट्रीय मानक 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से अधिक पाया गया है। चेंबूर और बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बी के सी ) में यह स्तर 125 माइक्रोग्राम दर्ज किया गया, जो निर्धारित सीमा से दोगुने से भी अधिक है। केवल कांदिवली में प्रदूषण का स्तर निर्धारित सीमा के भीतर रहा।
एमसी के अनुसार, सड़क की धूल, वाहनों का धुआं, निर्माण कार्य और खुले स्थानों की धूल प्रदूषण के प्रमुख कारण हैं।
मुंबई में करीब 3,000 निर्माण परियोजनाएं चल रही हैं। निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के लिए बीएमसी ने 28 दिशा-निर्देश जारी किए हैं, लेकिन इनके पालन पर सवाल उठ रहे हैं।
गोवंडी के शिवाजी नगर में पीएम 10 का स्तर 93 माइक्रोग्राम दर्ज किया गया। वहीं घाटकोपर में 84, सेवरी में 75 और भायखला में 69 माइक्रोग्राम रहा। बी के सी में पीएम 2.5 का स्तर भी 48 माइक्रोग्राम पाया गया, जबकि राष्ट्रीय सीमा 40 है।
