
● रीमा राय सिंह@मुंबई
प्रख्यात ग़ज़लकार एवं साहित्यकार डॉ. प्रमोद कुमार कुश तन्हा को वर्ष 2026 के ‘विद्योत्तमा साहित्य सुधाकर सम्मान’ से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान उन्हें देवप्रभा प्रकाशन, ग़ाज़ियाबाद से प्रकाशित उनके ग़ज़ल-संग्रह ‘लकीरों का सफ़र’ के लिए प्रदान किया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक संस्था विद्योत्तमा फाउंडेशन, नासिक (महाराष्ट्र) द्वारा यह सम्मान 11 जनवरी को नासिक में आयोजित एक भव्य साहित्यिक समारोह में प्रदान किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के ग्राम सबदलपुर में जन्मे डॉ. प्रमोद कुमार कुश तन्हा ने सबदलपुर, सहारनपुर, मेरठ और दिल्ली स्थित आईआईटी से शिक्षा प्राप्त की है। उन्होंने भारतीय मानक ब्यूरो (केन्द्र सरकार) में निदेशक के पद पर रहते हुए देश के विभिन्न राज्यों में सेवाएं दीं। प्रशासनिक दायित्वों के साथ-साथ उन्होंने साहित्य और बॉलीवुड के क्षेत्र में भी अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है।
पिछले तीन दशकों में डॉ. तन्हा को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अनेक प्रतिष्ठित संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। ग़ज़ल की दुनिया में उनका नाम न केवल मुंबई, बल्कि पूरे देश में सम्मान और पहचान के साथ लिया जाता है।
इस सम्मान की घोषणा से साहित्य और फ़िल्म जगत में हर्ष का माहौल है। साथ ही उनके पैतृक गांव सबदलपुर सहित सहारनपुर, मेरठ, दिल्ली, अहमदाबाद और ग़ाज़ियाबाद में उनके पाठकों और प्रशंसकों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
