
● नई दिल्ली
दिसंबर 2025 में इंडिगो एयरलाइंस के परिचालन में सामने आई गड़बड़ी के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) की कड़ी नजर अब भी बनी हुई है। नागरिक विमानन मंत्रालय के अनुसार, डीजीसीए के निर्देशों के अनुपालन में इंडिगो ने अब तक चार साप्ताहिक और तीन पखवाड़ेवार रिपोर्ट सौंप दी हैं और नियमित समीक्षा बैठकों में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया है।
19 जनवरी 2026 को हुई ताज़ा समीक्षा बैठक में इंडिगो ने दावा किया कि उसका परिचालन अब सामान्य हो चुका है। एयरलाइन के मुताबिक, पायलटों की उपलब्धता मौजूदा उड़ान आवश्यकताओं के अनुरूप है। 10 फरवरी 2026 तक एयरबस कैप्टन (पीआईसी) की जरूरत 2,280 बताई गई है, जबकि उपलब्ध संख्या 2,400 है। इसी तरह, एयरबस फर्स्ट ऑफिसर की आवश्यकता 2,050 है और उपलब्धता 2,240 की है।
इंडिगो ने यह भी स्पष्ट किया कि स्वीकृत नेटवर्क और मौजूदा क्रू क्षमता को देखते हुए 10 फरवरी के बाद उड़ानें रद्द होने की आशंका नहीं है। दिसंबर 2025 में मिली दो अस्थायी छूट भी अब समाप्त कर दी गई हैं।
डीजीसीए ने कहा कि भले ही परिचालन हालात काफी हद तक स्थिर हुए हैं, फिर भी रोस्टर की मजबूती, पायलटों की निरंतर उपलब्धता और नियमों के सख्त पालन को लेकर निगरानी जारी रहेगी। नियामक का रुख साफ है—स्थिति सुधरी है, पर चौकसी में कोई ढील नहीं दी जाएगी।
