
● मुंबई
19 जनवरी को महाराष्ट्र राज्य संस्कृत अकादमी एवं माध्यम फाउंडेशन, मुंबई के संयुक्त तत्वावधान में एस.पी.आर. जैन कन्याशाला, घाटकोपर में भाषा-वैभव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ध्यातव्य है कि सांस्कृतिक कार्य विभाग के द्वारा संस्कृत भाषा को साहित्य अकादमी में सम्मिलित किया गया है। इस कार्यक्रम में संस्कृत भाषा की विविध प्रतियोगिताएं आयोजित की गई जिसमें विद्यालय की छात्राओं ने पूरे उत्साह से भाग लिया और पारितोषिक भी प्राप्त किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि व महाराष्ट्र पुलिस के अतिरिक्त महासंचालक आईपीएस कृष्ण प्रकाश ने अपने उद्बोधन में कहा कि संस्कृत भाषा के बिना भारतीय सभ्यता व संस्कृति का अनुभव नही किया जा सकता।
कार्यक्रम-अध्यक्ष आचार्य रामव्यास उपाध्याय ने बच्चों को संस्कृत भाषा में छंदों और उनके उच्चारण की विधियों के गुणों का उल्लेख करते हुए कहा कि संस्कृत विश्व की सबसे प्राचीन और वैज्ञानिक भाषा है यह मृत नहीं, अमृत भाषा है। इस अवसर पर एस.पी.आर. जैन कन्याशाला की मैनेजमेंट ट्रस्टी मीनाबेन खेताणी, मुम्बई गुजराती संगठन के फाउंडर ट्रस्टी भावेशभाई मेहता, नव्य-व्याकरणाचार्य पं. दामोदर त्रिपाठी, चिन्मय मिशन से विराज सडेकर सहित भावेशभाई वोरा, भावना रमेश डोडिया, रमेश लालजी डोडिया, अभय खेताणी एवं विद्यालय की प्राचार्या नंदाबेन ठक्कर की विशेष उपस्थिति रही। प्रतियोगिता में निर्णायक के रूप में कविता ठक्कर एवं मनीषा ठक्कर ने भूमिका निभाई।
कार्यक्रम का संचालन एड. राजीव मिश्र एवं धन्यवाद ज्ञापन सौरभ शिंदे ने किया।
