
● दावोस
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की वार्षिक बैठक से महाराष्ट्र के लिए उत्साहजनक संकेत मिले हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में राज्य को वैश्विक निवेशकों का भरोसा मिला है और इसी क्रम में तीसरी मुंबई के पहले शहर के रूप में रायगढ़–पेण ग्रोथ सेंटर की बड़ी घोषणा की गई। इस महत्वाकांक्षी पहल से राज्य में करीब एक लाख करोड़ रुपये के निवेश की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दावोस की यात्रा केवल पूंजी आकर्षित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि ज्ञान, तकनीक और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को महाराष्ट्र तक लाने का प्रभावी मंच भी है। इसी दृष्टि से इस वर्ष शहरी नियोजन, परिवहन, मेड-टेक, ग्रीन एनर्जी और फिनटेक जैसे भविष्य उन्मुख क्षेत्रों पर विशेष फोकस किया गया।
● बीकेसी की तर्ज पर उभरेगा नया बिजनेस हब
नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से 15–20 किलोमीटर की दूरी पर विकसित होने वाला रायगढ़–पेण ग्रोथ सेंटर प्लग-एंड-प्ले मॉडल पर तैयार होगा। यहां उद्योगों को तुरंत काम शुरू करने की सुविधा मिलेगी। परियोजना को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत आकार दिया जाएगा, जिसमें राज्य सरकार, एमएमआरडीए और निजी क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी रहेगी।
● ज्ञान–तकनीक के लिए वैश्विक साझेदारी
दावोस में महाराष्ट्र ने विश्व की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटीज और संस्थानों के साथ रणनीतिक समझौते किए हैं। इनका उद्देश्य निवेश के साथ-साथ अर्बन प्लानिंग, ट्रांसपोर्ट सिस्टम और स्मार्ट सिटी विकास में अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञता को राज्य में लाना है, जिससे शहरी ढांचे और नागरिक सुविधाओं में व्यापक सुधार संभव होगा।
● स्वास्थ्य क्षेत्र को नई दिशा
मुख्यमंत्री फडणवीस ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य अंतिम व्यक्ति तक बेहतर और त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। मेड-टेक पर हुई चर्चाओं के बाद राज्य के लिए एक ठोस हेल्थ रोडमैप तैयार किया गया है। इसके तहत मेड-टेक स्टार्टअप्स के लिए मजबूत इकोसिस्टम और वैश्विक कंपनियों के साथ साझेदारी को बढ़ावा दिया जाएगा।
दावोस में स्थापित ‘मैग्नेटिक महाराष्ट्र’ पवेलियन निवेशकों के आकर्षण का केंद्र रहा। यहां दुनिया भर के उद्योगपतियों ने महाराष्ट्र में निवेश की संभावनाओं को नजदीक से परखा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विश्व बैंक, बरमूडा सरकार, हुंडई, मर्स्क, फिनलैंड, जापान, इज़राइल और अमेरिका की प्रमुख संस्थाओं के साथ अहम बातचीत की।
ग्रीन इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, ईवी मोबिलिटी, लॉजिस्टिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सर्कुलर इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में नई साझेदारियों के स्पष्ट संकेतों के साथ दावोस से महाराष्ट्र के विकास की नई तस्वीर उभरती नजर आई।
