
● मुंबई
गुरु नानक खालसा महाविद्यालय, ‘उमा कल्याण ट्रस्ट’ और भारतीय गोवंश रक्षण-संवर्द्धन परिषद के संयुक्त तत्वाधान में गोवंश आधारित प्रतियोगिताओं की श्रृंखला में स्नातक और स्नातकोत्तर विद्यार्थियों की काव्य प्रतियोगिता का फाइनल गुरु नानक खालसा कॉलेज, माटुंगा (मुंबई) में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर वरिष्ठ कवयित्री श्रीमती प्रमिला भारती ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। खालसा कॉलेज की प्राचार्या प्रो. डॉ. रत्ना शर्मा ने आगंतुकों का स्वागत किया। उपप्राचार्य एवं हिन्दी विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. मृगेन्द्र राय ने प्रतियोगिता का संचालन किया, विशेष अतिथि आरटीआई एक्टिविस्ट अनिल गलगली ने विद्यार्थियों को संबोधित किया तथा प्राध्यापिका सरिता शर्मा ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया। आयोजक संस्था, उमा कल्याण ट्रस्ट की ओर से राजीव नौटियाल, अशोक हमराही और राजुल अशोक ने गोवंश रक्षण- संरक्षण के लिए ट्रस्ट द्वारा किए जा रहे कार्यों से अवगत कराया तथा युवाओं के लिए गोवंश आधारित प्रतियोगिताओं की जानकारी दी।
काव्य प्रतियोगिता के फाइनल में मुंबई और आसपास के 15 महाविद्यालयों से 42 विद्यार्थी ने भाग लिया, जिनमें से प्रथम स्थान पर मौसम यादव (रामनिरंजन झुनझुनवाला कॉलेज), द्वितीय पवनजीत गुप्ता (भवंस कॉलेज) तथा तनु सिंह (राम नारायण रुइया कॉलेज) तृतीय स्थान पर रहीं। इसके अतिरिक्त महिमा मिश्रा (कीर्ति कॉलेज) और ऐश्वर्या शुक्ला (एल आर तिवारी डिग्री कॉलेज) को प्रोत्साहन पुरस्कार दिया जाएगा। विजेताओं को पुरस्कार वितरण के लिए शीघ्र ही समारोह का आयोजन किया जाएगा। काव्य प्रतियोगिता के फाइनल में निर्णायक मंडल के सदस्य थे डॉ आरएस दुबे, डॉ बीपी सिंह तथा डॉ उषा मिश्रा।
ज्ञातव्य है कि युवा पीढ़ी को भारतीय देशी गोवंश की उपयोगिता, वैज्ञानिक महत्व, भारतीय संस्कृति, ग्रामीण परिवेश, गोवंश से पर्यावरण संरक्षण आदि से अवगत कराने के उद्देश्य से विद्यालय, महाविद्यालय तथा विश्वविद्यालय स्तर पर काव्य, निबंध, भाषण और चित्रकला का आयोजन किया जा रहा है; जिससे वो गाय से जुड़ें, अपनी जड़ों से जुड़े, अपनी भारतीय परंपरा एवं संस्कृति को जानें और उनमें देश प्रेम की भावना जाग्रत हो।
प्रतियोगिता के आयोजन में सहयोगी संस्थान के रूप में मुंबई विश्व विद्यालय का हिंदी विभाग तथा विशेष सहयोगी के रूप में हिन्द सेवा परिषद, पब्लिक हाई स्कूल, गुरु नानक खालसा कॉलेज और रामनिरंजन झुनझुनवाला कॉलेज अपना योगदान दे रहे हैं।
