■ केंद्र ने नाम बदलने के प्रस्ताव को दी मंजूरी

● नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। मंत्रिमंडल की स्वीकृति के बाद भारत के राष्ट्रपति ‘केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026’ को संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत विचारार्थ केरल विधानसभा को भेजेंगे। विधानसभा की राय प्राप्त होने के पश्चात केंद्र सरकार आगे की संवैधानिक प्रक्रिया पूरी करेगी और संसद में राज्य का नाम ‘केरलम’ करने संबंधी विधेयक प्रस्तुत करने के लिए राष्ट्रपति की अनुशंसा प्राप्त की जाएगी।
राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले यह निर्णय लिया गया है। हालांकि चुनाव की तारीखों की घोषणा अभी तक भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नहीं की गई है। इसी वर्ष जनवरी में केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन को पत्र लिखकर वाम लोकतांत्रिक मोर्चा सरकार के इस कदम का समर्थन किया था। बाद में उन्होंने मुख्यमंत्री के उत्तर के लिए आभार व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि ‘केरलम’ नाम राज्य के इतिहास, भाषा और सांस्कृतिक जड़ों का प्रतिनिधित्व करता है।
चंद्रशेखर ने कहा कि मूल नाम की पुनर्स्थापना हमारी विरासत को सम्मान देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा और एनडीए सदैव केरल की परंपराओं, संस्कृति और आस्था की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहे हैं। उनके अनुसार ‘विकसित केरल, सुरक्षित केरल और आस्था की रक्षा’ केवल नारे नहीं, बल्कि उनका संकल्प है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य और उसके नागरिकों के हित में जो भी निर्णय होगा, उसका समर्थन किया जाएगा।
अपने प्रत्युत्तर में मुख्यमंत्री विजयन ने उल्लेख किया कि राज्य का मूल नाम ‘केरलम’ था, जिसे ब्रिटिश शासनकाल में प्रशासनिक सुविधा के लिए ‘केरल’ कर दिया गया था। अब ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान के अनुरूप मूल नाम बहाल किया जा रहा है।
