■ तीसरी तिमाही में 12.4 प्रतिशत हिस्सेदारी

● मुंबई
देश में निजी वाहनों की बढ़ती मांग के बीच पैसेंजर कारों की बिक्री ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है। वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (अक्तूबर–दिसंबर 2025) के ताजा आंकड़ों के अनुसार महाराष्ट्र ने लगातार बढ़त बनाए रखते हुए स्वयं को देश का सबसे बड़ा पैसेंजर व्हीकल बाजार साबित किया है।
यह उपलब्धि केवल बिक्री तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य की आर्थिक सक्रियता, रोजगार सृजन और सुदृढ़ बुनियादी ढांचे का भी संकेत देती है। जिन राज्यों में आय स्तर और इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर होता है, वहां ऑटोमोबाइल की मांग स्वाभाविक रूप से अधिक रहती है।
सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चर्स के अनुसार, तीसरी तिमाही में देशभर में पैसेंजर वाहनों की कुल बिक्री 12.76 लाख यूनिट तक पहुंच गई, जो किसी भी क्यू3 के लिए अब तक का सर्वोच्च स्तर है। साल-दर-साल आधार पर 20.6 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। राष्ट्रीय बिक्री में महाराष्ट्र की हिस्सेदारी 12.4 प्रतिशत रही।
राज्यवार रैंकिंग में उत्तरप्रदेश 10.8 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ दूसरे स्थान पर रहा। दोनों राज्यों के बीच 1.6 प्रतिशत का अंतर दर्ज हुआ। गुजरात 8.2 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर रहा, जबकि कनार्टक (7.0 प्रतिशत) और तमिलनाडु (6.9 प्रतिशत) शीर्ष पांच में शामिल रहे।
पश्चिमी भारत का दबदबा भी स्पष्ट रहा। महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान की मजबूत उपस्थिति के कारण वेस्टर्न जोन देश का सबसे सक्रिय ऑटो बाजार बनकर उभरा, जहां 4.21 लाख यूनिट की बिक्री दर्ज की गई। हरियाणा ने 6.6 प्रतिशत और राजस्थान ने 5.8 प्रतिशत योगदान दिया।
दिल्ली की हिस्सेदारी 4.8 प्रतिशत रही। विशेषज्ञों के अनुसार अधिक वाहन घनत्व, ट्रैफिक दबाव और प्रदूषण नियंत्रण उपायों के कारण यहां मांग अपेक्षाकृत सीमित रहती है। अन्य राज्यों में मध्यप्रदेश (4.4 प्रतिशत), केरल (4.3 प्रतिशत) और पंजाब (4.0 प्रतिशत) की उल्लेखनीय भागीदारी दर्ज की गई।
