- मध्य पूर्व तनाव के बीच राहत की खबर

● नई दिल्ली
मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर आम लोगों में चिंता बनी हुई थी। हालांकि सरकारी सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद देश में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाने की फिलहाल कोई योजना नहीं है। ऊर्जा आपूर्ति और भंडार की स्थिति मजबूत होने के कारण आम उपभोक्ताओं पर महंगाई का अतिरिक्त बोझ पड़ने की संभावना नहीं दिखाई दे रही है।
सरकार ने बदलते अंतरराष्ट्रीय हालात को ध्यान में रखते हुए कच्चे तेल के आयात की रणनीति में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। पहले भारत काफी हद तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज मार्ग पर निर्भर था, लेकिन अब वैकल्पिक और अपेक्षाकृत सुरक्षित स्रोतों से आयात बढ़ाया गया है। इसके तहत होर्मुज से बाहर के मार्गों से कच्चे तेल का आयात लगभग 60 प्रतिशत से बढ़कर करीब 70 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इस रणनीतिक बदलाव से देश के पास कच्चे तेल और रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त भंडार सुनिश्चित हो गया है।
पिछले बारह वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए एलपीजी सिलेंडर की कीमत में लगभग 110 रुपये की वृद्धि हुई है। वर्ष 2014 में करीब 500 रुपये का सिलेंडर अब लगभग 610 रुपये में उपलब्ध है। हाल के दिनों में एलपीजी स्टॉक को लेकर कुछ आशंकाएं जरूर सामने आई थीं, लेकिन सरकार उत्पादन प्राथमिकताओं का पुनर्गठन कर आपूर्ति व्यवस्था को संतुलित रखने के प्रयास कर रही है।
प्राकृतिक गैस के क्षेत्र में भी देश की स्थिति फिलहाल संतोषजनक बताई जा रही है। क्षेत्रीय तनाव के कारण रस लफ्फन इंडस्ट्रियल सिटी स्थित उत्पादन इकाई अस्थायी रूप से बंद है। इसके बावजूद कतर ने भारत को भरोसा दिलाया है कि समुद्री मार्ग खुलते ही गैस आपूर्ति दोबारा शुरू कर दी जाएगी। इस बीच देश के पास एलएनजी का पर्याप्त अतिरिक्त भंडार मौजूद है और अन्य कई देशों से भी गैस आपूर्ति के प्रस्ताव प्राप्त हो रहे हैं।
