■ परिवहन विभाग का बड़ा प्रस्ताव

● मुंबई
महाराष्ट्र में परिवहन यूनियनों के बढ़ते विरोध के बीच राज्य के परिवहन विभाग ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए लंबित ई-चालान के जुर्मानों में 50 प्रतिशत तक छूट देने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा है। अधिकारियों के अनुसार राज्यभर में बकाया ई-चालान की राशि लगभग 5,000 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। इसी स्थिति को देखते हुए यह राहत योजना तैयार की गई है।
सूत्रों के मुताबिक यह प्रस्ताव विशेष रूप से ट्रक, टैक्सी, ऑटो और अन्य व्यावसायिक वाहनों के चालकों को राहत देने के उद्देश्य से बनाया गया है। यदि राज्य सरकार इस योजना को मंजूरी देती है तो वाहन मालिक अपने पुराने ई-चालानों का निपटारा आधी राशि जमा करके कर सकेंगे। इससे हजारों परिवहन चालकों और वाहन मालिकों को आर्थिक राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है।
दरअसल हाल ही में कई परिवहन संगठनों ने ई-चालान प्रणाली और बढ़ते जुर्मानों के खिलाफ राज्यव्यापी आंदोलन शुरू किया था। यूनियनों ने 5 मार्च से अनिश्चितकालीन ‘चक्का जाम’ की चेतावनी भी दी थी। हालांकि परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक द्वारा दिए गए लिखित आश्वासन के बाद यह आंदोलन 24 घंटे के भीतर स्थगित कर दिया गया।
परिवहन यूनियनों का कहना है कि कई बार चालकों को ई-चालान की सूचना समय पर नहीं मिलती। इस कारण जुर्माने की राशि लगातार बढ़ती जाती है और एक समय ऐसा आता है जब पूरी रकम एक साथ भरना उनके लिए कठिन हो जाता है। इसी वजह से यूनियनों ने सरकार से जुर्माने में राहत देने और ई-चालान प्रणाली में सुधार की मांग की थी।
परिवहन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि यदि यह योजना लागू होती है तो वाहन चालकों को राहत मिलने के साथ-साथ सरकार को भी बड़ी मात्रा में लंबित जुर्माना वसूलने में आसानी होगी। इससे राजस्व बढ़ने के साथ परिवहन क्षेत्र में बढ़ते असंतोष को भी कम करने में मदद मिल सकती है।
