■ एलपीजी पर दबाव घटाने की पहल
■ कमर्शियल उपभोक्ताओं से पीएनजी अपनाने की अपील

● नई दिल्ली
केंद्र सरकार ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं से पाइप वाली नेचुरल गैस (पीएनजी) की ओर रुख करने की अपील की है। सरकार का कहना है कि जहां भी पीएनजी की सुविधा उपलब्ध है, वहां एलपीजी के स्थान पर इस विकल्प को अपनाया जाना चाहिए। इससे एलपीजी की आपूर्ति पर बढ़ते दबाव को कम करने के साथ-साथ स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देने में भी मदद मिलेगी।
सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि 31 मार्च तक एलपीजी से पीएनजी में शिफ्ट होने वाले उपभोक्ताओं को विशेष लाभ दिए जा सकते हैं। इस कदम का उद्देश्य देश में ईंधन की उपलब्धता को संतुलित बनाए रखना और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना है।
पेट्रोलियम मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से इस विषय पर लगातार विचार-विमर्श चल रहा है। अधिकारियों की प्राथमिकता पूरे देश में ईंधन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि जिन शहरों और क्षेत्रों में पाइप्ड नेचुरल गैस का बुनियादी ढांचा पहले से मौजूद है, वहां के कमर्शियल एलपीजी उपभोक्ताओं को पीएनजी कनेक्शन लेने पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
सरकार इस पहल को आगे बढ़ाने के लिए गैस वितरण कंपनियों के साथ समन्वय कर रही है। कंपनियों ने नए उपभोक्ताओं को जोड़ने के लिए आकर्षक प्रोत्साहन योजनाएं भी घोषित की हैं।
सुजाता शर्मा के अनुसार, पीएनजी कनेक्शन को बढ़ावा देने के लिए कई कंपनियों ने विशेष इंसेंटिव की घोषणा की है। उदाहरण के तौर पर इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड ने कहा है कि जो घरेलू उपभोक्ता 31 मार्च से पहले पीएनजी कनेक्शन लेकर गैस का उपयोग शुरू करेंगे, उन्हें 500 रुपये तक की मुफ्त गैस दी जाएगी।
इसके अलावा गेल और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) भी विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं के माध्यम से उपभोक्ताओं को पीएनजी अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं। सरकार का मानना है कि इन प्रयासों से अधिकाधिक लोग स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल ईंधन की ओर अग्रसर होंगे।
