
● मुंबई
महाराष्ट्र सरकार राज्य को डिजिटल क्रांति के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। गेमिंग, क्रिएटर इकॉनॉमी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को सशक्त बनाने के लिए सरकार व्यापक योजनाओं पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया कि इस क्षेत्र में निवेश बढ़ाने और युवाओं को अवसर देने के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया जा रहा है।
मुंबई के एमएमआरडीए ग्राउंड, बीकेसी में आयोजित ‘जेन ओ: पिक्सल एंड प्ले एवं ग्लोबल ई-स्पोर्ट्स गेम्स’ कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर मुख्यमंत्री ने कंटेंट क्रिएटर्स के साथ संवाद किया और कई महत्वपूर्ण पहल की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि गेमिंग अब केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि करियर का उभरता हुआ क्षेत्र है। जो युवा इस क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहते हैं, उन्हें सरकार हरसंभव समर्थन देगी। ‘व्यूज टू वैल्यू’ की चुनौती का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि क्रिएटर्स और ब्रांड्स के बीच की दूरी कम करने के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। इस संदर्भ में नील मोहन के साथ भी चर्चा की गई है।
राज्य सरकार एवीजीसी (एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स) नीति के तहत 12 हब विकसित कर रही है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर का कंटेंट तैयार किया जा सकेगा। साथ ही, नवी मुंबई एयरपोर्ट के पास 50 एकड़ में अत्याधुनिक कंटेंट क्रिएटर कॉम्प्लेक्स स्थापित करने की योजना है, जहां ई-स्पोर्ट्स और डिजिटल क्रिएशन से जुड़ी सभी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी।
ग्रामीण क्षेत्रों को भी इस डिजिटल परिवर्तन से जोड़ने पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के करीब 70 प्रतिशत गांवों तक फाइबर नेटवर्क पहुंच चुका है और अगले दो-तीन वर्षों में सभी गांवों को हाई-स्पीड इंटरनेट से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
