■ योगी सरकार का निर्णय

● लखनऊ
उत्तर प्रदेश में गोसेवा को सशक्त और व्यवस्थित बनाने की दिशा में नई पहलें गति पकड़ रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरक्षा और गो-आश्रय स्थलों को आत्मनिर्भर बनाने में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को सम्मानित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गोसेवा भारतीय संस्कृति की मूल भावना से जुड़ी है, इसलिए इस क्षेत्र में समर्पित कार्यकर्ताओं को सार्वजनिक रूप से पहचान मिलनी चाहिए।
शनिवार को आयोजित गोसेवा आयोग की बैठक में मुख्यमंत्री ने निराश्रित गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं की गहराई से समीक्षा की। उन्होंने प्रत्येक गोशाला में ‘भूसा बैंक’ स्थापित करने पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिए कि स्थानीय किसानों के साथ बेहतर समन्वय विकसित किया जाए, ताकि हरे चारे की सतत उपलब्धता बनी रहे।
इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) फंड के प्रभावी उपयोग पर भी बल दिया। उनका मानना है कि निजी क्षेत्र की भागीदारी से गो-आश्रय स्थलों को आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाया जा सकता है, जिससे वे आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ सकें।
