
● न्यूयार्क
अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में मेयर पद का चुनाव इस बार भारतीय दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। तमिलनाडु में जन्मी 31 वर्षीय रिनी संपत ने इस चुनावी मैदान में उतरकर नया इतिहास रच दिया है। वह प्राइमरी चुनाव के बैलेट पेपर पर जगह बनाने वाली पहली दक्षिण एशियाई उम्मीदवार बन गई हैं।
डेमोक्रेटिक पार्टी से चुनाव लड़ रहीं रिनी पेशे से सरकारी कॉन्ट्रैक्टर हैं और पिछले एक दशक से अधिक समय से वॉशिंगटन डीसी में रह रही हैं। सात वर्ष की आयु में अमेरिका पहुंचीं रिनी ने अपने अभियान को आम लोगों की जरूरतों से जोड़ा है। उनका चुनावी नारा “बुनियादी चीजों को ठीक करो” शहर की मूलभूत समस्याओं- जैसे सड़क, सफाई और सार्वजनिक सेवाओं पर केंद्रित है।
रिनी संपत ने अपनी चुनावी मुहिम में खुद को पारंपरिक राजनीति से अलग बताते हुए कहा है कि वह किसी राजनीतिक वर्ग या विशेष हित समूह से बंधी नहीं हैं। उनके अनुसार, अब समय आ गया है कि कोई बाहरी सोच वाला व्यक्ति शहर की मूलभूत व्यवस्थाओं को सुधारने पर पूरी तरह ध्यान दे।
अपने अभियान की सफलता पर विश्वास जताते हुए रिनी ने कहा कि महज चार हफ्तों में बैलेट पेपर तक पहुंचना जनता की ताकत का प्रमाण है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि हर मतदाता तक पहुंचने के पर्याप्त संसाधन मिलें, तो यह अभियान और भी व्यापक प्रभाव डाल सकता है।
रिनी संपत की यह पहल न केवल भारतीय समुदाय के लिए गर्व का विषय है, बल्कि अमेरिकी राजनीति में विविधता और नई सोच के बढ़ते प्रभाव का भी संकेत देती है।
